चीन ने मानी हार, पीछे हटने को हुआ तैयार
खबर है कि चीन की सरकारी मीडिया जानबूझकर ऐसे लेख छाप रही है ताकि चीन की जनता इस मुगालते में रहे कि चीन डरने वाला नहीं है।
खबर है कि चीन की सरकारी मीडिया जानबूझकर ऐसे लेख छाप रही है ताकि चीन की जनता इस मुगालते में रहे कि चीन डरने वाला नहीं है।
डोकलाम विवाद सुझलने के आसार बढ़ते जा रहे हैं। लेकिन चीन हारता दिखना नहीं चाहता । वो पीछे हटना चाहता तो है लेकिन चीन की सरकारी मीडिया इस हार को जीत बताने की कोशिश कर रही है। खबर मिली है कि चीन 100 मीटर पीछे हटने के लिए तैयार है, लेकिन भारत चाहता है कि चीन कम से कम 250 मीटर पीछे हटे। चीन ने भी भारत के सामने यही शर्त रखी है। भारत भी तभी पीछे हटेगा जब चीन के सैनिक पीछे लौटेंगे।
सरहद पर ये चल रहा है लेकिन भारत और चीन के बीच 50 दिन से जारी डोकलाम विवाद चीन की सरकारी मीडिया बार-बार धमकी दे रही है। चीन के सरकारी अखबार पीपुल्स डेली ने लिखा- अपनी फौज ना हटाकर भारत अब आग से खेल रहा है। प्रोपगेंडा छापा गया कि भारत ने डोकलाम के आसपास के कई गांव खाली करा लिए है। भूटान ने भी चीन को कहा कि डोकलाम हमारा इलाका है। लेकिन चीन सुनने को तैयार नहीं था। अब पचास दिन आमने सामने रहने के बाद थोड़ी नरमी आई है। लेकिन चीनी मीडिया में गर्मी जारी है।
चाइना डेली ने लिखा, – हम कई सेक्टर्स में भारत की मदद कर रहे हैं। कई चीनी कंपनियां भारत में निवेश कर रही हैं। इसके बावजूद अगर भारत डोकलाम से सेना नहीं हटाता तो यही समझा जाएगा कि वो आग से खेल रहा है और जल जाएगा। खबर है कि चीन की सरकारी मीडिया जानबूझकर ऐसे लेख छाप रही है ताकि चीन की जनता इस मुगालते में रहे कि चीन डरने वाला नहीं है। लेकिन इसके उलट चीन अब अपने पैर धीरे धीरे पीछे खींचने लगा है।



